यूरोप के इतिहास में सबसे बड़े सीड राउंड में, AI स्टार्टअप AMI Labs ने $1.03 बिलियन जुटाए हैं — और यह कंपनी केवल तीन महीने पुरानी है, जिसका कोई उत्पाद नहीं है और कोई राजस्व नहीं है। इस कंपनी के सह-संस्थापक हैं यान लेकुन, जिन्हें डीप लर्निंग का "गॉडफादर" माना जाता है। $3.5 बिलियन के प्री-मनी वैल्युएशन पर यह फंडिंग AI उद्योग में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है — एक ऐसा युग जो ChatGPT जैसे लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) से परे जाता है।
यान लेकुन कौन हैं?
यान लेकुन AI जगत के सबसे प्रभावशाली वैज्ञानिकों में से एक हैं। 2018 में उन्हें जेफ्री हिंटन और योशुआ बेंगियो के साथ संयुक्त रूप से [ट्यूरिंग पुरस्कार](https://amturing.acm.org/) — कंप्यूटर विज्ञान का नोबेल — से सम्मानित किया गया। डीप लर्निंग के इन तीन "गॉडफादर्स" ने आधुनिक AI की नींव रखी। लेकुन विशेष रूप से कन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क (CNN) के आविष्कार के लिए जाने जाते हैं — वही आर्किटेक्चर जो आज छवि पहचान और कंप्यूटर विजन की रीढ़ है।
Meta में 12 साल तक लेकुन ने FAIR (Fundamental AI Research) लैब का नेतृत्व किया, जो दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित AI अनुसंधान प्रयोगशालाओं में से एक बन गई। इसी दौरान Meta ने LLaMA — एक ओपन-सोर्स लार्ज लैंग्वेज मॉडल — विकसित किया, जिसने AI समुदाय में क्रांति ला दी और हजारों डेवलपर्स को AI के साथ प्रयोग करने का मौका दिया।
लेकुन ने Meta क्यों छोड़ा?
इसके पीछे एक गहरा वैचारिक मतभेद है। लेकुन का मानना है कि ChatGPT, Claude, Gemini जैसे LLMs असली बुद्धिमत्ता की दिशा में एक मृत अंत हैं। उनके अनुसार, ये मॉडल भले ही अत्यंत उपयोगी हों, लेकिन वे वास्तव में कुछ भी "समझते" नहीं।
“"LLMs अविश्वसनीय रूप से उपयोगी हैं, लेकिन वे कुछ भी नहीं समझते। एक 2 साल का बच्चा किसी भी LLM से भौतिक दुनिया को बेहतर समझता है। हमें एक मौलिक रूप से अलग आर्किटेक्चर की जरूरत है।"”
जब Meta ने अपना ध्यान LLMs पर केंद्रित किया, तो लेकुन की विरोधाभासी दृष्टि को वहां बनाए रखना कठिन हो गया। 2025 के अंत में उन्होंने Meta छोड़ दिया और अपने विचार को व्यवहार में लाने के लिए AMI Labs की स्थापना की।
AMI Labs की टीम
AMI Labs की स्थापना 6 सह-संस्थापकों ने मिलकर की है, जो पेरिस, न्यूयॉर्क, मॉन्ट्रियल और सिंगापुर में फैले हैं — यह एक वास्तविक अंतरराष्ट्रीय टीम है।
- यान लेकुन — मुख्य AI वैज्ञानिक, ट्यूरिंग पुरस्कार विजेता, CNN के आविष्कारक
- एलेक्जेंड्रे लेब्रन — CEO, पूर्व डीपमाइंड और Google
- मार्टिन बौचेत — CTO, Meta FAIR के पूर्व शोधकर्ता
- सोफी मोरो — COO, स्वास्थ्य तकनीक क्षेत्र में अनुभव
- राहुल गुप्ता — मुख्य डेटा अधिकारी, पूर्व Microsoft Research
- ली वेई — उत्पाद प्रमुख, पूर्व Salesforce AI
CEO के रूप में एलेक्जेंड्रे लेब्रन की नियुक्ति रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। AMI Labs का पहला साझेदार है **Nabla** — एक फ्रांसीसी हेल्थकेयर AI स्टार्टअप। यह चुनाव सोच-समझकर किया गया है: स्वास्थ्य सेवा वह क्षेत्र है जहां LLMs की सीमाएं सबसे खतरनाक हैं, क्योंकि गलत जानकारी (हैलुसिनेशन) घातक हो सकती है।
वर्ल्ड मॉडल्स बनाम LLMs: मूलभूत अंतर
AMI Labs का मूल दांव यह है कि असली बुद्धिमत्ता पाठ से नहीं बल्कि संवेदी अनुभव से आती है। वर्ल्ड मॉडल्स छवियों, वीडियो और सेंसर डेटा से सीखते हैं — ठीक उसी तरह जैसे बच्चे दुनिया को छूकर, देखकर और सुनकर समझते हैं।
इसके लिए लेकुन ने **JEPA** (Joint Embedding Predictive Architecture) नामक एक नई आर्किटेक्चर विकसित की है। JEPA यह नहीं सीखता कि अगले शब्द की भविष्यवाणी कैसे करें (जैसे LLMs करते हैं), बल्कि यह सीखता है कि दुनिया में क्या होने वाला है — किसी वस्तु की भौतिक अवस्था, गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव, सामाजिक संबंध। यह मॉडल अमूर्त अवधारणाओं को समझने में सक्षम होता है, न कि केवल पैटर्न को दोहराने में।
| विशेषता | LLMs (जैसे ChatGPT) | वर्ल्ड मॉडल्स (AMI Labs) |
|---|---|---|
| प्रशिक्षण डेटा | पाठ (इंटरनेट, किताबें) | छवियां, वीडियो, सेंसर डेटा |
| सीखने की विधि | अगले टोकन की भविष्यवाणी | भौतिक और कारण संबंधों का मॉडलिंग |
| समझ | सांख्यिकीय पैटर्न | भौतिक दुनिया का प्रतिनिधित्व |
| हैलुसिनेशन | सामान्य समस्या | संरचित रूप से कम होने की उम्मीद |
| मुख्य अनुप्रयोग | टेक्स्ट, कोड, रचनात्मक लेखन | रोबोटिक्स, स्वास्थ्य, स्वायत्त प्रणालियां |
| परिपक्वता | उत्पादन में तैयार | अनुसंधान/विकास चरण |
$1.03 बिलियन: निवेशक कौन हैं?
यह फंडिंग राउंड दुनिया की कुछ सबसे बड़ी तकनीकी और औद्योगिक कंपनियों को एक साथ लाता है:
- Nvidia — AI चिप्स की दुनिया की अग्रणी कंपनी
- Toyota — स्वायत्त वाहनों के लिए वर्ल्ड मॉडल्स में रुचि
- Samsung — उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में AI एकीकरण
- Temasek — सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड
- Jeff Bezos — Amazon के संस्थापक, व्यक्तिगत निवेश
- Eric Schmidt — Google के पूर्व CEO
- Mark Cuban — अमेरिकी उद्यमी और NBA टीम मालिक
- SBVA (SoftBank Ventures Asia) — एशिया का प्रमुख VC फंड
AMI Labs का रोडमैप: तीन चरण
AMI Labs ने एक महत्वाकांक्षी लेकिन स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया है:
- वर्ष 1 — अनुसंधान एवं विकास + AMI Video: मूल JEPA आर्किटेक्चर को परिष्कृत करना और पहला उत्पाद — AMI Video — लॉन्च करना, जो वीडियो से भौतिक नियमों को समझने में सक्षम होगा।
- वर्ष 2 — स्वास्थ्य और रोबोटिक्स: Nabla के साथ साझेदारी को गहरा करना और औद्योगिक रोबोटिक्स में प्रवेश करना — दोनों क्षेत्र जहां भौतिक दुनिया की सच्ची समझ महत्वपूर्ण है।
- वर्ष 3-5 — सार्वभौमिक प्रणालियां: ऐसे AI सिस्टम विकसित करना जो विभिन्न डोमेन में काम कर सकें — एक ऐसी बुद्धिमत्ता जो न केवल पाठ बल्कि भौतिक दुनिया को भी समझे।
AMI Video पहला मूर्त कदम है। यह टूल वीडियो की धाराओं से भौतिक नियमों को सीखने में सक्षम होगा — गुरुत्वाकर्षण, जड़त्व, टकराव। यह क्षमता स्वायत्त वाहनों से लेकर चिकित्सा इमेजिंग तक अनगिनत अनुप्रयोगों की नींव बन सकती है।
AI उद्योग पर प्रभाव
AMI Labs की यह फंडिंग केवल एक स्टार्टअप की सफलता नहीं है — यह AI उद्योग में एक वैचारिक बदलाव का संकेत है। जब दुनिया के सबसे सम्मानित AI वैज्ञानिकों में से एक लेकुन का यह कहना है कि "हम गलत रास्ते पर हैं" और उनकी बात को $1 बिलियन से अधिक का समर्थन मिलता है — तो यह पूरे उद्योग को सोचने पर मजबूर करता है।
OpenAI, Google DeepMind, Anthropic जैसी कंपनियों ने LLMs में अरबों डॉलर लगाए हैं। AMI Labs की सफलता उनकी रणनीति को सीधे चुनौती नहीं देगी — कम से कम अल्पकाल में — लेकिन यह एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक दृष्टिकोण को वैध ठहराती है। निवेशक अब AI के एक अलग भविष्य पर दांव लगा रहे हैं।
फ्रांसीसी और यूरोपीय दांव
AMI Labs का मुख्यालय पेरिस में है — और यह महज संयोग नहीं है। फ्रांस ने पिछले कुछ वर्षों में AI अनुसंधान और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारी निवेश किया है। Mistral AI, Nabla, Hugging Face — ये सभी फ्रांसीसी AI स्टार्टअप्स हैं जिन्होंने वैश्विक पहचान बनाई है। AMI Labs इस पारिस्थितिकी तंत्र में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ता है।
यूरोप के लिए यह फंडिंग एक महत्वपूर्ण संदेश है: अत्याधुनिक AI अनुसंधान अब केवल Silicon Valley या बीजिंग तक सीमित नहीं है। पेरिस-मॉन्ट्रियल-सिंगापुर की धुरी पर बनी AMI Labs यह साबित करती है कि विविध और अंतरराष्ट्रीय टीमें भी अगली पीढ़ी की AI तकनीक विकसित कर सकती हैं।
LLMs बनाम वर्ल्ड मॉडल्स: एक बहस जो अभी शुरू हुई है
यह ध्यान रखना जरूरी है कि लेकुन की आलोचना निराधार नहीं है — लेकिन वह विवादास्पद भी है। कई AI शोधकर्ता मानते हैं कि LLMs उम्मीद से कहीं अधिक सक्षम साबित हुए हैं, और मल्टीमॉडल मॉडल्स (जो पाठ और छवियां दोनों समझते हैं) लेकुन की कई आपत्तियों को दूर कर रहे हैं।
दूसरी ओर, GPT-4 जैसे मॉडलों की सीमाएं वास्तविक हैं: वे गणित की साधारण गलतियां करते हैं, तर्क में असंगत होते हैं, और भौतिक दुनिया के बारे में बुनियादी गलतफहमियां रखते हैं। JEPA जैसा दृष्टिकोण इन समस्याओं का समाधान दे सकता है — या यह एक और महंगा प्रयोग साबित हो सकता है।
सच्चाई शायद बीच में कहीं है: LLMs और वर्ल्ड मॉडल्स एक-दूसरे के विकल्प नहीं बल्कि पूरक हो सकते हैं। अगले पांच वर्ष यह स्पष्ट करेंगे कि $1 बिलियन का यह दांव AI इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ था — या बस एक महंगी गलती।
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